"सुधि
पाठक"
आज मै अपने ब्लॉग (sahgalvk.blogspot.com)
के सुधि पाठक गणों का हृदय से धन्यवाद ज्ञपित करना
चाहता हूँ जिन्होने हमारे ब्लॉग को अपना 50 हजार वां स्नेह
स्पर्श,
आशीर्वाद प्रदान किया। आज का दिन मेरे लिये निश्चित ही खुशी और आनंद का है क्योंकि
अपने स्नेहिल पाठकों की हौसला अफजाई और
उत्साहवर्धन से मै अभिभूत हूँ। अगस्त 2018 मे शुरू ब्लॉग लेखन की ये यात्रा अपने
जागरूक, मित्रवत पाठकों के ऊर्जास्पद स्नेह के बिना संभव नहीं
थी। इस ब्लॉग यात्रा के दौरान ऐसे अनेक पाठकों,
प्रियजनों ने अपने विचारों और संदेशों से हमारी ब्लॉग यात्रा को समृद्ध किया है
जिसका मै ऋणी हूँ। देश की सीमाओं से परे हमारे प्रवासी भाई/बहिनों ने भी इस सूचना
तकनीकि के युग मे वतन से दूर अपनी राष्ट्रभाषा के प्रति स्नेह और
प्रेम को जब अमेरिका, जर्मनी,
फ्रांस, ब्रिटेन से हिन्दी
पाठकों का अपनी भाषा से प्रेम और समर्पण देखा तो उनके प्रति सिर आदर और सम्मान से
झुके बिना नहीं रह सकता। आस्ट्रेलिया,
रूस और कनाडा, यूएई जैसे देशों मे तो
भारत वंशियों की संख्या लाखों मे है तो उनका
ब्लॉग पढ़ना लाज़मी है पर वियतनाम, बेल्जियम,
नीदरलैंड, आयरलैंड जैसे देशों मे
भले ही हिन्दी प्रेमियों की संख्या नगण्य है फिर भी उनका हिन्दी ब्लॉग पाठन आश्चर्य से उत्साहित और रोमांचित तो करती ही है। हम इन प्रवासी भाइ-बहिनों के भी हृदय से आभारी है जिन्होने हमारे ब्लॉग पाठकों
की सूची मे अपना नाम दर्ज़ कर मेरा गौरव बढ़ाया है।
384 ब्लॉगस के माध्यम से हम अपने सुधि पाठकों
के ऋणी है जिन्होने हमारा उत्साह वर्धन किया। इन ब्लॉग के विषय मे देश के एक साधारण
नागरिक के यात्रा वृतांत, जीवन से जुड़ी सफल
और असफल घटनायें/अनुभव,
समाज के निचले और कमजोर वर्ग के लोगो से संपर्क,
उनके दुःख दर्द को तो हमने सांझा किया ही जो मेरा प्रिय विषय है पर कभी कभी बगैर किसी पूर्वाग्रह के राजनैतिक विषयों
को भी छूने का प्रयास किया जिनका प्रचार प्रसार विभिन्न समूहों की नीति नियम के चलते
सीमित रहा फिर भी पाठकों का स्नेह और असहमति का मैंने अनासक्त भाव से सिरोधार्य किया।
सोश्ल माध्यमों जैसे फ़ेस बुक,
ट्वीटर से परे ब्लॉग लेखन के लिये प्रेरित करने के लिये मै भोपाल के मेरे साथी श्री
#मोहित गुप्ता जो सूचना प्रौद्योगिकी के इंजीनियर है और मेरे अभिन्न सहयोगी है का विशेष धन्यवाद दूँगा क्योंकि मै इस कला मे इतना
पारंगत और प्रवीण नहीं था, आज भी नहीं हूँ!!
अपने संदेशों, सुझावों और टिप्पड़ियों के
माध्यम से अनेकों परिचित और अनाम श्रेष्ठियों (क्योंकि उन्होने संदेश के साथ अपना नाम
का उल्लेख नहीं किया) के योगदान को भी नहीं भुलाया जा सकता जिन्होने हमारे ब्लॉग को समृद्ध करने मे अपनी अहम भूमिका निभाई।
मै ऐसे सभी प्रिय पाठकों का भी हार्दिक आभार
ज्ञपित करता हूँ जिन्होने हमारा उत्साहवर्धन,
हौसला अफजाई और हिम्मत बढाई।
हमारे सर्वोच्च 10 ब्लॉगस मे प्रथम स्थान पर
"मेरी मुंस्यारी साधना शिविर" की यात्रा पवित्र तीर्थ यात्रा को स्थान देकर
हमारे प्रिय पाठकों ने हमारी भारतीय सनातन धर्म के प्रति आस्था और विश्वास,
सांस्कृतिक, संस्कारों के विचार को दृढ़
किया है जिसके लिये मै उनका आभार व्यक्त करता हूँ। इसी क्रम मे बैंक कर्मियों के वेतन
समझौते एवं आईबीए की इन्शुरेंस नीति सहित यात्रा
वृतांत कुफ़री और काजीरंगा को भी स्थान दिया लेकिन इस सर्वोच्च 10 ब्लॉग मे महिला दिवस पर मेरी "माँ" को लिखे पत्र को सराहने पर मै अति
भावुक हूँ और इस हेतु मै आप सब का ऋणी हूँ
और इस ऋण से कभी उऋण नहीं होना चाहता क्योंकि आप सभी की तरह मै भी अपनी माँ से बेइंताह
प्यार करता हूँ।
मै एक बार पुनः अपने सुधि,
प्रिय, मूल्यवान पाठकों का हृदय से आभार,
धन्यवाद!!
विजय सहगल





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