शनिवार, 1 अगस्त 2020

लोकतन्त्र की ख़ातिर


"लोकतन्त्र की खातिर"



कल दिनांक 31 जुलाई 2020 के नवभारत टाइम्स मे जब माननीय मुख्य मंत्री राजस्थान का ये संदेश पढ़ा कि प्रदेश के सभी कोंग्रेसी विधायकों को लोकतन्त्र की रक्षा के लिये आगे 21 दिन होटल फेयर माउंट मे रुकना पढ़ेगा। परिवार सहित राखी, अष्टमी त्योहार भी होटल मे ही मनाने होंगे तो पढ़ कर उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान से सिर झुक गया कि हम कितने सौभाग्यशाली है कि हमे इतने त्याग और बलिदानी जनप्रतिनिधि मिले जो हम गरीब नागरिकों की सेवा के लिए कितने कष्ट उठाने को तत्पर है।
चित्र 1॰  

लॉक डाउन के इस कठिन परिस्थितियों मे मैंने सोचा क्यों न जब सभी जगह विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम माध्यम से आभासी संपर्क हो रहे हों। जाना तो किसने था मैंने भी सोचा इसी नीति के तहत जयपुर के होटल फेयर माउंट जयपुर होटल की यात्रा के तहत ऑन लाइन होटल के कमरे के  किराया, सुविधा आदि की जानकारी ली जाये और जाना जाये कि श्री अशोक गहलोत के विधायक प्रदेश की गरीब और पिछड़ी जनता के कल्याणार्थ होटल फेयर माउंट मे कितने कष्ट और दुःख उठा कर उनकी सेवा कर रहे है।    

जब लोकतन्त्र खतरे मे हो तो स्वाभिक ही है देश/प्रदेश की जनता के कल्याणकारी कार्यों की कितनी बड़ी ज़िम्मेदारी हमारे विधायक रूपी जन प्रतिनिधियों के कंधों पर आ जाती है। आज जबकि कोरोना महामारी का प्रकोप सारे देश मे फैला है इन विधायकों को कितना कष्ट और दुःख सहन कर घर से दूर होटल मे रहने की मजबूरी है। आइये उस होटल के दर्शन भी आम जनता को कराये जाये।
चित्र न॰ 2

सरकार के प्रदेश के जन कल्याण के कार्यों मे अपनी  गरीब, दबी, कुचली, वंचित, निर्धन, अकिंचन, साधन हीन, मुंहताज, तंग हाल, दीन, निरीह जन सामान्य नागरिकों के लिये कितना खर्चा करना पड़ रहा है इसकी एक छोटी बानगी देखिये चित्र न॰ 3॰ जिसमे होटल का एक दिन का किराया दिखाया गया है। 15 दिन (अनुमानित) निकाल चुके है आगे 21 दिन का आह्वान और किया गया है अर्थात 36 दिन का अनुमानित खर्च, आइये कोशिश करें बचपन मे पढ़ी अंक गणित की सहायता से सवाल हल करने का प्रयास करते है।  
चूंकि होटल के एक कमरे का एक दिन का किरया है रूपये = 15000/-
इस तरह 106 कमरों का एक दिन का किराया    रूपये = 15000X106 = 15,90,000/-
अतः 26 दिन का 106 कमरों का किरया         रूपये = 1590000X36= 5,72,40,000/-
उत्तर:- लोकतन्त्र की रक्षा हेतु कुल व्यय धनराशि रूपये पाँच करोड़ बहत्तर लाख चालीस हजार मात्र।                                                 "इति सिद्धम"

आइये लोकतन्त्र के इन प्रहरियों को नमन करे बारंबार नमन करें जो देश की गरीब जनता के कल्याण के लिये  और लोकतन्त्र की रक्षा के लिए कितने दुःख, कष्ट क्लेश उठा प्रदेश के आम जन की सेवा मे प्रयासरत है वह भी मात्र पाँच करोड़ के लगभग रुपए खर्च करके। लोकतन्त्र की रक्षा के लिये ये राशि कुछ ज्यादा नहीं????

विजय सहगल      


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