"इज़राइल और ईरान, घात-प्रतिघात
का खेल?"
शनिवार,
26 अक्टूबर 2024, भारतीय समयानुसार तड़के
4 बजे इज़राइल ने एक सौ से भी ज्यादा लड़ाकू
विमानों के साथ, 3 घंटे चली हवाई हमले
की कार्यवाही मे,
ईरान के 20 सैन्य ठिकानों पर जोरदार बमबारी कर,
हमला किया। दो हजार किमी से भी ज्यादा दूरी तय कर
इज़राइल के युद्धक लड़ाकू विमानों के ईरान पर किए गये इस जोखिम से भरे साहसिक हमले मे ईरान के तीन प्रान्तों - तेहरान,
कुजेस्तान और इलम के सैनिक ठिकानों को निशाना बनाया,
जिसमे चार ईरानी सैनिक मारे जाने की सूचना
है। ईरान द्वारा इज़राइल पर किए हमले के जबाव मे कई सप्ताह से इज़राइली हमले का
अंदेशा और आशंका प्रकट की जा रही थी। इज़राइल
के रक्षा प्रवक्ता डेनियल हगारी के अनुसार इज़राइल के इस समन्वित हमले को ईरान
द्वारा 1 अक्टूबर को इज़राइल पर हमले की जवाबी कार्यवाही बतलाया। ये पहली बार है जब
इज़राइल ने ईरान पर सीधे हमला को स्वीकारा
है। विदित हो कि, 1 अक्टूबर 2024 को ईरान
ने इज़राइल पर 200 से भी ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर तेहरान मे हमास नेता
इस्माइल हानियाह, हिज्बुल्लाह प्रमुख हसन
नसरल्ला और ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड के जनरल अब्बास की इज़राइल द्वारा की गयी
हत्याओं का बदला लेने के लिये किया गया था। ईरान के इस हमले मे इज़राइल ने अधिकतर ईरानी
मिसाइलों को हवा मे ही मार गिरा कर,
अपनी अभेद सुरक्षा तैयारियों का प्रदर्शन किया था। इज़राइल की सेनाओं द्वारा ईरान पर योजनबद्ध सेनाओं के आपसी तालमेल को इतने अच्छे तरीके से अंजाम दिया गया
कि उनके सारे हवाई जहाज अपने लक्ष्यों को सफलता पूर्वक बेध कर सकुशल अपने अपने हवाई अड्डों पर सुरक्षित बापस आ
गये। इसे कोढ़ मे खाज ही कहा जायेगा कि ईरान के अशांत दक्षिण पूर्वी प्रांत सिस्तान-बलूचिस्तान मे
शनिवार को ही विद्रोही गुटों द्वारा एक हमले मे ईरान के 10 पुलिस अधिकारियों
को मौत के घाट उतार दिया।
ईरान पर हमले के एक दिन पहले इज़राइल ने
सीरिया, लेबनान और इराक पर भी
हमले कर सीरियाई राडार सिस्टम को नष्ट कर दिया था ताकि इज़राइल द्वारा ईरान पर हवाई
हमलों पर नज़र न रखी जा सके। इज़राइल के ईरान पर
इन हवाई हमलों मे इज़राइल की दो महिला पायलट भी शामिल थी,
इज़राइल सेना द्वारा इस आशय के एक वीडियो भी रविवार को जारी किया। इज़राइल की उस
बहादुर महिला पायलट के हौसले को इस बात से समझा जा सकता है जिसमे उसने कहा कि
इज़राइल का कोई भी दुश्मन इज़राइल की सेना की पहुँच से बाहर नहीं है। इज़राइल सेना के
लेफ्टिनेंट कर्नल ने अपनी महिला पायलट की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि,
जिस तरह से आपने सबधानीपूर्वक, योजनाबद्ध तरीके
से, साहस और सटीकता के साथ जो ऐतिहासिक ऑपरेशन
किया है, हमे आप पर नाज़ है। पूरा इज़राइल आपके साथ खड़ा है। हम आपकी
सुरक्षित घर बापसी का इंतजार कर रहे है। महिला पायलट ने अपने सेना अधिकारी के इस
समर्थन के लिए आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद कहा। इज़राइल की महिला पायलट और
सेनाधिकारी के इस वार्तालाप पर इरजाइल के लोग भावुक और संवेदना से परिपूर्ण और जोश
से भरे हुए है। यहाँ ये दर्शाना भी आवश्यक है कि अमेरिका ने खुलकर इज़राइल का साथ
देते हुए ईरान को चेतावनी दी कि यदि उसने इज़राइल पर पुनः हमले किए तो उसे गंभीर
परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
एक बात तो निश्चित है कि मध्य पूर्व के
क्षेत्र मे अराजकता और अस्थिरता फैलाने मे ईरान का बहुत बड़ा हाथ है। उसने गाजा मे
हमास, लेबनान मे हिज्बुल्ला और यमन मे हूती
आतंकवादी संगठनों को आर्थिक एवं सैन्य हथियारों की मदद दे कर जहां एक ओर तो अपने
देश को सीधे युद्ध क्षेत्र, बनने देने से
रोक कर गाजा, लेबनान और यमन के कंधे
पर बंदूक रख कर उनके नागरिकों के जान माल को दांव पर लगाया है। आतंकवादी संगठन
हमास को पराश्रय और बढ़ावा देकर जिस ईरान ने 7 अक्टूबर 2023 को अकारण इज़राइल पर
अचानक हमला कर उसके 1300 निर्दोष नागरिकों की निर्मम और विभत्स तरीके से हत्या की
जिसमे महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे एवं 240 नागरिकों को अगवा किया गया था। हमास
के उग्रवादियों द्वारा ईरान के समर्थन से इज़राइल पर 7 अक्टूबर 2023 को हुए इस हमले के जवाब मे फिलिस्तीन के अब तक
42847 नागरिकों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग विस्थापित हो दाने दाने के लिए
मुंहताज है। गाजा पट्टी के घर, मकान,
स्कूल, अस्पताल,
ऑफिस कार्यालय पूरी तरह खंडहरों मे बदल कर
बर्वाद हो चुके है। चंद आतंकी और मूर्ख व्यक्तियों की नासमझी की कीमत पूरे गाजा
वासियों को अपनी जान माल की कीमत देकर जो नुकसान उठाना पड़ा उसका सिर्फ अनुमान ही लगाया जा सकता है जिसकी भरपाई मे फिलिस्तीन को दशकों लग जाएंगे।
आर्थिक क्षेत्र की दृष्टि से दुनियाँ के
शेयर मार्केट मे उच्छाल देखने को मिला क्योंकि अमेरिका की इक्छा अनुसार और विश्व
के देशों की अपेक्षा अनुसार इज़राइल ने
ईरान के न्यूक्लियर संस्थानों और तेल के कुओं को अपने हवाई हमलों की जद से बाहर
रक्खा, जिसके कारण तेलों के दामों मे ईरान पर हमलों
के बावजूद स्थिरता बनी रही। इज़राइल ने सिर्फ,
ईरानी सैनिक और नौसैनिक ठिकानों पर हमला
कर ईरान की सैनिक अधोसंरचना को तहस नहस किया। इज़राइली सेना द्वारा बताया गया कि
उसके विमानों ने केवल उन्ही केन्द्रों को निशाना बनाया जिनका उपयोग ईरान,
इज़राइल पर दागी जाने वाली मिसाइलों के बनाने मे करता था। उसने सतह से हवा मे मार
करने वाली मिसाइलों पर भी हमले किए। अब
आगे देखना होगा कि ईरान की, इज़राइली हमलों
पर आगे क्या प्रितिक्रिया होगी। बैसे ईरान ने इज़राइली हमले का कडा जवाब देने की
सौगंध खाई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि इज़राइल
के घातक हमलों का मजबूत और प्रभावी तरीके से जवाब दिया जायेगा। ईरान के
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख हुसैन सलामी ने इज़राइली हमलों का अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। दुनियाँ
सहित भारत भी पश्चिमी एशिया मे बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त की और दोनों ही देशों को
क्षेत्र की शांति के लिए संयम बरतने की सलाह दी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इज़राइल
और ईरान को बातचीत करने और कूटीनीति की राह पर लौटने का आग्रह किया,
उन्होने आगे कहा कि शत्रुता किसी भी पक्ष के हित
मे नहीं है।
अब देखना ये होगा कि ईरान इन हमलों का जवाब
कितनी गहनता और तीव्रता से देता है। इज़राइल और ईरान के इस घात-प्रतिघात के खेल
जारी रहता है, तो पुनः मध्य पूर्व मे
तनाव और अनिश्चितता का माहौल बनेगा जिसकी आंच पूरे विश्व पर पड़े बिना नहीं रहेगी।
विजय
सहगल
https://sahgalvk.blogspot.com/



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