मंगलवार, 12 अक्टूबर 2021

महानायक का पान मसाला

 

"महानायक का पान मसाला"

 






माननीय अमिताभ बच्चन जी,
सदी के महानायक, मुंबई,

महोदय

यूं तो देश दुनियाँ के लोग आपको यथोचित ही अभिनय की दुनियाँ का बादशाह मानते और कहते है क्योंकि आप एक प्रभावशाली व्यक्तित्व है और आपके कहे को या आपके संदेश को देश के हर वर्ग, प्रांत, मजहब, मत और संप्रदाय के लोग स्वीकारते है और मानते है। शायद इसी कारण ही आप जैसे अभिनय के धनी व्यक्ति से स्वच्छ भारत अभियान, पोलियो एवं कोरोना टीकाकरण जैसे अभियान के विज्ञापन कराये गये।     

पर अभी हाल ही मे आपका एक पान मसाला कंपनी का विज्ञापन समाचार पत्रों एवं टीवी चैनल्स  पर देख हार्दिक दुःख और क्षोभ हुआ। जिसकी शुरुआत होती है कि पिताजी को पसंद है क्लासिकल म्यूजिक और बेटे को पसंद है फास्ट म्यूजिक पर दोनों को पसंद है एक अनोखा स्वाद पान मसाला। (https://www.youtube.com/watch?v=4-gq51OJItQ&t=19s)

ये तो निश्चित है कि इस कंपनी के पान मसाले के प्रचार हेतु किये गये  इस विज्ञापन के लिये आपने बहुत बड़ी कीमत वसूली होगी!! लेकिन शायद आप ये भूल गये कि आपको विज्ञापन के मेहनताने के रूप दी गयी इस फीस की कीमत कंपनी व्याज सहित  लाखों लोगो को कैंसर रूपी  मौत की नींद सुला उनकी लाशों के कफन के रूप मे उन गरीब निरीह लोगो से वसूल करेगी!! ये भी उतना ही सच है कि आपके प्रभावशाली व्यक्तित्व के कारण पान मसाला कंपनी अरबों रुपए का व्यापारिक लाभ अर्जित करेगी क्योंकि आप जैसे सदी के महानायक  यदि मिट्टी मे भी हाथ लगाएंगे वो सोना हो जायेगी। 

महोदय, 26 जुलाई 1982 मे बेंगलोर मे फिल्म कुली की शूटिंग को शायद आप भूल गये होंगे? लेकिन देश के वे मजदूर और गरीब वर्ग के वो नौजवान इस घटना को नहीं भूले होंगे? जिन्होने   अस्पताल के सामने और मुंबई स्थित आपके घर के सामने रात दिन खड़े रह कर, दोनों हाथ जोड़कर   अपने ईष्ट और आराध्य से प्रार्थना की होगी कि आपकी जान बचाएं और आपको शीघ्र स्वस्थ करें। चिकित्सकीय  इलाज़, दवाओं का असर तो था ही पर उन जन साधारण लोगो ने तमाम कौल और कामनाएँ जो उन्होने ईश्वर से मन्नते मांगी होगी कि हे! ईश्वर,  हे! जगत के पालन हार हमारे अभिनेता की जान बक्श! ये उन्ही समाज के दबे कुचले, मासूम गरीबों की दुआएं ही थी जिनके के कारण आप को दुबारा जीवन मिला। पर हा!! दुर्दैव, हे ईश्वर जिस महा नायक की  ज़िंदगी के लिये इन निरीह और सरल  लोगो ने आपसे दुआयेँ मांगी थी आज वही अभिनय सम्राट चंद पैसों की खातिर कैंसर रूपी महामारी के मुंह मे पान मसाले का विज्ञापन कर उन्ही  लोगो को मौत को मुंह मे धकेल देने का प्रयास विज्ञापन के माध्यम से कर रहा है!! उन गरीबों और असंख्य साधारण लोगो से इससे बड़ा  मज़ाक क्या हो सकता है? हे सदी के महा नायक, आपने बेशक हमारे साथ नेकी न की हो? पर आज आपके पान मसाले का उक्त विज्ञापन देख हम लोग तो 1982 मे आपके स्वास्थ के लिये की गयी प्रार्थनाओं को "नेकी कर  दरियाँ मे डाल" कर भुला दिया है!!

विशुद्ध निजी व्यापारिक लाभ के अतरिक्त ये विज्ञापन किसी समाज सेवा, लोक कल्याण या  मानव कल्याण के हितार्थ तो कदापि नहीं किया गया? फिर ऐसी कौन से अतृप्त और अपूर्ण इच्छाएं रह गयी जिनकी पूर्ति हेतु आपको धन के लिए पान मसले के प्रचार प्रसार के  इस विज्ञापन को करने के लिये बाध्य होना पड़ा? विश्वास मानिये आपके वे चाहने वाले जो फिल्म कुली की दुर्घटना मे आपके घायल होने  के बाद  भगवान से दुआओं के लिए तन-मन से खड़े थे वे आपकी अतृप्त ईक्षाओं की पूर्ति के लिए आज तन-मन-धन से आप के साथ खड़े हो जाएंगे!! इसलिये भगवान के लिये अपनी अतृप्त ईक्षाओं की पूर्ति हेतु जहर परोसने के इस विज्ञापन को बंद कीजिये।

यूं तो तमाम डाँकू, चोर, लुटेरे एवं भिखारी एवं टपोरी किस्म के तथाकथित अभिनेता, समाचार पत्र और टेलिविजन चैनल येन केन प्रकारेण शास्त्र विरुद्ध धनार्जन कर धन की ललक-लालसा की पूर्ति करते हों? इस हेतु बेशक उन्हे जन सामान्य को मौत के मुँह मे धकेलने मे कोई गुरेज न  हो।  पर पान मसाले का विज्ञापन करने वाले अभिनेता, टीवी पर दिखाये जाने वाले विज्ञापन  या समाचार पत्रों मे छपने वाले पान मसाले के अनैतिक इस्तेहार छपते हों पर आप जैसे देश के एक जागरूप नागरिक और सदी के महा नायक से ऐसी उम्मीद कदापि अपेक्षित नहीं है कि वे भी मौन रह, अनीति और अन्याय  के साथ खड़े हों?  

क्या आप अपने प्रभाव का नकारात्मक इस्तेमाल कैंसर जैसी बीमारी को प्रचारित और प्रसारित करने मे नहीं कर रहे है?? परम पूज्य गुरुदेव श्री राम शर्मा, आचार्या जी का गायत्री परिवार के टेबल कलेंडर मे एक सद्वाक्य है "दूसरों के साथ बैसा व्यवहार न करो, जो तुम्हें अपने लिये पसंद नहीं!  क्या स्वयं आप इस उत्पाद का  उपयोग करते है? क्या आप अपने दिल पर हाथ रख कर उक्त पान मसाले का उपयोग अपने ईष्ट मित्रों, रिश्तेदार, परिवार  या अन्य समीपवर्ती लोगो को करने का सुझाव या सलाह देंगे? यदि नहीं तो फिर जन सामान्य को क्यों इस पान मसाले के उत्पाद का सेवन हेतु प्रोत्साहित और प्रेरित कर मौत के मुंह मे धकेलने का प्रयास कर  सकते है?  यदि आप पान मसाले के उक्त विज्ञापन के संदेश के एकांश भाग से भी असहमत है तो आप उक्त विज्ञापन को तुरंत वापस ले और आम जनों से अफसोस व्यक्त करें  जैसा कि जेम्स बॉन्ड का अभिनय करने वाले अभिनेता पियर्स  ब्रौसनन ने पान मसाले का विज्ञापन बापस ले माफी मांगी थी।

विजय सहगल

2 टिप्‍पणियां:

Ganguli ने कहा…

Sahi kaha aapne Sir

P.c.saxena ने कहा…

सटीक विश्लेषण ब्लॉक की एक प्रति श्री अमिताभ बच्चन जी को भी भेजिए🙏🙏