गोहद का किला-2 (नया महल )
दिनांक 19 फरवरी 2021 को आपने गोहद किले का वृतांत पढ़ा इसकी दूसरी कढ़ी-रानी महल, नया महल आपके लिये प्रस्तुत है। अब आगे.....
नया महल का भव्य और आकर्षक वास्तु और
नक्काशी से युक्त मुख्य प्रवेश द्वार देख कर अत्यंत प्रसन्नता हुई। कौड़ियों और
अन्य अवयवों से निर्मित पेस्ट से बने सफ़ेद
रंग की पृष्ठ भूमि पर दरवाजे के चारों ओर फूल,
पत्तियों, आकर्षक वर्गाकर ज्योमिति
रचनाओं पर पड़ने वाली सूर्य की सुनहरी किरणे दरवाजे के सौन्दर्य को कई गुना बढ़ा रही
थी। महल के अंदर प्रवेश करते ही विशाल आँगन,
उसके बीच मे छोटे वर्गाकर सरोवर मे फब्बारे का निर्माण किया गया था। दो-दो नक्काशी दार पत्थरों से निर्मित खंबों के आठ
मेहराव दार आकृतियों से आँगन के चारों ओर समान रूप से अर्धवलयाकर देहरियों
का निर्माण किया गया था। विशाल आँगन से दो मंज़िला भवन बहुत ही शानदार दिखाई दे रहा
था। दालान के अंदर कमरे बने हुए थे जिन पर भी चारों ओर पत्थरों की नक्काशी की गई
थी। आँगन से वलयाकार दहलीजनुमा मेहरावों से होकर कमरों मे जाने का रास्ता था। कुछ समय
पूर्व तक इस महल मे एसडीएम की कोर्ट,
कोषालय एवं अन्य सरकारी कार्यालय का संचालन होता था। यध्यपि अब कार्यालय तो समाप्त
हो चुके है पर उन विभागों का पुराना रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज़ यहाँ वहाँ बिखरे पड़े
थे। तमाम वकीलों, कानूनविदों के नाम भी
एक हाल मे जहां तहां लिखे थे जहां उन वकीलों के बैठक/बस्ते रहे होंगे। पहली मंजिल से होकर छत्तों की भव्य
दालाने छज्जों के उपर बनी थी। एक छोर से इन दालानों मेहराबों को देखना सुखनुभूति
देने वाला था। अंतिम छोर के मेहराव को भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था। दालानों
के उपर गुंबदों का निर्माण किया गया था। दालान के चारों ओर खुली एवं बड़ी छत्त से
महल के आँगन को देखना महल के वास्तु की भव्यता एवं श्रेष्ठता का दिग्दर्शन करा रहा
था। आँगन के मध्य मे बना फव्वारा अपने गुजरे जमाने के वैभव की अनकही कहानी ब्यान
कर रहा था जिसे वक्त के बदलाव ने आज मौन करके रक्खा हुआ था। महल के बाहर की तरफ गोहद का किला एवं मैदान तथा शहर का विहंगम दृश्य दिखाई दे रहा था। महल से ही
कुछ दूरी पर श्री राम जानकी मंदिर एवं श्री लक्ष्मण-उर्मिला मंदिर की भव्यता को महसूस किया जा सकती थी।
लगभग एक घंटे तक महल की भव्यता आँखों मे समेटे हमने अपने गंतव्य ग्वालियर की ओर
प्रस्थान किया।
यदि मध्यप्रदेश का
पर्यटन मंत्रालय इस इमारत का रखरखाव पर कुछ ध्यान दे तथा प्रचार प्रसार करें तो
गोहद फोर्ट एक सस्ते सुंदर पर्यटन स्थल के रूप मे अपनी पहचान बना सकता है जो सड़क
और रेल मार्ग से भली-भांति और सुगमता से जुड़ा हुआ है। मध्य प्रदेश राज्य सरकारों
की पर्यटन स्थल के प्रचार प्रसार और रखरखाव की बेरुखी का उल्लेख मैंने गढ़ कुढ़ार का
किला (https://sahgalvk.blogspot.com/2018/12/blog-post_11.html)
मे भी किया था। आशा है वर्तमान सरकार इन
चित्ताकर्षक पर्यटन स्थलों की ओर कुछ ध्यान देकर पर्यटकों को आकर्षित करने
का प्रयास करेगी जो क्षेत्र के आर्थिक विकास और स्थानीय नागरिकों को रोजगार मुहैया कराने मे भी सहायक होगा।
विजय सहगल







1 टिप्पणी:
बहुत ही सुंदर दृश्य के साथ ही आपने बहुत ही सुंदर ढंग से इस जगह की उपयोगी जानकारी दी है आपका बहुत-बहुत आभार धन्यवाद
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