बुधवार, 11 अगस्त 2021

जायका उदयपुर-"कृष्णा दाल बाटी रेस्टरों

 

"जायका उदयपुर-"कृष्णा दाल बाटी रेस्टरों"





25 फरबरी से 27 फरबरी 2021 को अपने उदयपुर भ्रमण के दौरान दिनभर की थकान के बाद  एक च्छे  एवं स्वादिष्ट राजस्थानी भोजन की तलाश मे मेरा परिवार सहित एक भोजनालय "कृष्ण दालबाटी रेस्टरों", गुलाब रोड, उदयपुर  मे जाना हुआ। श्री मनोज परमार द्वारा संचालित उक्त एसी भोजनालय बहुत ही साफ सुथरा और सुसज्जित है। ग्राहकों की समर्पित भाव से सेवाभावना उल्लेखनीय है। बहुत ही आदर सत्कार भाव से व्यवहार किया जाता है। इन सबसे उपर जब स्वादिष्ट भोजन मिल जाये तो क्या कहना।

इनकी भोजन थाली मे व्यंजन सूची निश्चित है। व्यंजन सूची मे घी से  परिपूर्ण दालबाटी को विशुद्ध भारतीय परंपरा के अनुसार "पत्तल-दौनों" मे परोसा जाता है जो इनकी विशेषता है और जो मुझे प्रिय भी लगी। परमार जी के इस रेस्टरों अर्थात भोजनालय की एक विशेषता और है वह है निश्चित राशि की इनकी थाली मे अतिथियों को भरपेट, भरपूर भोजन। सुसज्जित पोशाक मे  इनके कर्मचारी  द्वारा आये हुए आगंतुकों को  प्यार-सम्मान और  अनुनय-विनय के साथ सुरुचि पूर्ण ढंग से भोजन खिलाने की परंपरा ने मन को मोह लिया।  

पत्तल मे परोसे गये  व्यंजनों मे राजस्थान की प्रिसिद्ध गट्टे वाली सब्जी, दाल के साथ बेसन की शिमला मिर्च का स्वाद भी निराला था। शिमला मिर्च को इस रूप मे पहली बार खाना मुझे रुचिकर लगा। पारम्परिक हरी चटनी के साथ लहसुन की लाल चटनी स्वाद मे लाजबाब थी। जिसे सभी ने सराहा एक से ज्यादा बार उसकी मांग भी की।  

इनकी थाली मे सलाद, पापड़ और चावल के साथ आप सोच रहे होंगे कि मिष्ठान की कोई चर्चा नहीं? क्या करें इस ससुरी मधुमेह (diabetes)  के कारण अपनी भावनाओं को अब तक दबा के रक्खा था। लेकिन अब भावनाओं से विद्रोह करते हुए खुलकर लिख रहा हूँ कि दालबाटी का चूरमा बनाके शुद्ध घी के साथ "बूरा" (पिसी शक्कर) मिलाके जब चूरमा परोसा गया तो हम अपने भोजन की लालसा पर नियंत्रण न रख सके और श्रीमती जी की गिद्ध दृष्टि की परवाह किये बिना हम  एक बाटी का चूरमा तुरंत ही चट्ट कर गये।  अगर आप मधुमेह जैसी व्याधियों से ग्रसित नहीं है तो मै दाबे के साथ कह सकता हूँ कि आप 2-3 बाटी का चूरमा तुरंत ही हड़प कर जायेंगे।

स्वभावानुसार, भोजनोपरांत परमार जी से उनके भोजन, आहार, विषेशतौर पर बाटी चूरमा की प्रशंसा की तो सौजन्यता वश उन्होने 2-3 बाटी चूरमा पैक करा कर भी दिया। हाँ एक बात और जब हम भोजनालय मे पहुंचे तो भूंख और स्वादिष्ट भोजन को देखते ही टूट पड़े इसलिये इनकी सुसज्जित थाली की फोटो  ही लेना भूल गये। इसलिये भोजन के बीच थाली का फोटो शायद थोड़ा कम आकर्षक हो!!

अतः आप जब उदयपुर पर प्रवास पर हों तो गुलाब बाग रोड स्थित कृष्णा दालबाटी रेस्टरों मे विशुद्ध राजस्थानी भोजन का स्वाद अवश्य ले सकते है।

विजय सहगल     

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