:-:सर्दी की कक्षा:-::
आज सर्दी ने दिल्ली एनसीआर मे तापमान पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड
तोड़ दिये। आज कक्षा के विध्यार्थियों ने लोहे के तस्सल मे सभी बच्चों ने सूखी लकड़ी
एकत्रित कर: आग जलाई। आग की अग्नि से ऊष्मा ग्रहण कर कक्षा मे बैठे ही बैठे हाथ जोड़ कर ईस्वर से "इतनी शक्ति हमे देना
दाता....... " प्रार्थना की। आग के चारों ओर बैठ कर इस कड़कड़ाती सर्दी मे कक्षा
का शुभारंभ हुआ। सर्दी का प्रकोप आज दिल्ली एनसीआर मे पिछले 119
साल मे सर्वाधिक था पर क्लास के
बच्चो का हौसला और उत्साह भी सर्दी से लड़ने के लिये अपने चरम पर था। सर्दी से युद्ध मे आज
फिर कक्षा के छात्र विजयी हुए। क्लास लगी और अध्यन भी हुआ पर एक नये अंदाज़ मे। आज ईमला,
गणित के सवालों की जगह दिन रात का
होना, सर्दी क्यों पढ़ती है और झाँसी की रानी की कहानी सुनने के साथ हुई।
कढ़क सर्दी के कारण कक्षा निर्धारित समय से कुछ पूर्व समाप्त कर दी गई। कल फिर
देखेंगे मौसम कैसा रहता है। नमस्कार हम है सभी छात्र:-
घड़ी की सुई की दिशा मे पहले तेजपाल (गुलाबी दस्ताने हाथ मे पहने), धर्मेन्द्र, गोलु, निशा,
नाज़ परवीन, सबसे छोटी नीतू, खुशी, शलमान,
राकेश॥
विजय सहगल
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