आपातकाल के 43 बर्ष
आज से 43 बर्ष पूर्व इस
देश मे तब की काँग्रेस सरकार द्वारा देश पर आपात काल थोपा गया था । बहुत ही बुरा
बक्त था। अतिक्रमण के नाम पर हमारे घर के सामने नाली के ऊपर के चबूतरे आस पड़ोस के
मकान सहित तोड़े गये थे । तब की PAC/POLICE
द्वारा हमारे पिता सहित पड़ोस के
काफी लोगो को अपमानित किया गया था। अखबारो पर सेन्सर शिप लागू थी। एक घटना का
उल्लेख मै करना चाहूँगा। दिन/माह साल तो याद नहीं है मैंने एक लेख झाँसी के समाचार
पत्र दैनिक जागरण मे डाइलिसिस पर लिख कर भेजा था। क्योकि उस समय श्री जय प्रकाश
नारायण को डायलिसीस दिया जाता था। उस पृक्रया के बाद हमने लिखा था कि लोकनायक श्री
जय प्रकाश नारायण को कितना कष्ट एवं तकलीफ रहती होगी। मुझे अछी तरह याद है रविवार
बाले दिन सप्ताहिक पृष्ठ पर लेख तो छापा गया परंतु आखीर की लाइंस जिसमे जय प्रकाश
नारायण का उल्लेख था नहीं छपी गई।
विजय सहगल
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें