मंगलवार, 19 जनवरी 2021

सीएनबीसी आवाज", "स्टॉक 20-20 धोखाधड़ी

 

"सीएनबीसी आवाज", "स्टॉक 20-20 धोखाधड़ी"




पिछले दिनों भारतीय शेयर बाज़ार को नियंत्रित करने बाली सबसे बड़ी संस्था ने दिनांक 13 जनवरी 2021 को अपने एक आदेश के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के स्वामित्य वाला प्रमुख टीवी चैनल सीएनबीसी आवाज पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की (https://www.sebi.gov.in/enforcement/orders/jan-2021/interim-order-dated-january-13-2021-in-the-matter-of-cnbc-awaaz-stock-20-20-show-co-hosted-by-mr-hemant-ghai_48743.html)। इस आदेश के तहत इस चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम स्टॉक 20-20 के माध्यम से धोखाधड़ी के एक मामले पर एक बड़ा  खुलासा किया। उक्त कार्यक्रम सीएनबीसी आवाज टीवी के एंकर श्री हेमंत घई द्वारा संचालित किया जाता रहा था। इस धोखाधड़ी मे  हजारों  दर्शक जो चैनल एवं उसके एंकर के विश्वासघात के शिकार हो अपनी मेहनत की कमाई को गवा बैठे। घोटाले मे शामिल धनराशि का  आंकलन  करोड़ो रूपये की राशि के रूप मे हो सकता है।  

घोटाले का तरीका सेबी ने अपनी वैबसाइट पर इस तरह बताया। दर्शको के साथ धोखा धड़ी को सेबी ने इस एंकर हेमंत घई उनकी माँ  एवं पत्नी  के शेयर की प्रविष्टियों पर 1 जनवरी 2019 से 20 मई 2020 के बीच के समयान्तराल मे पैनी निगाह रक्खी तो इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। अब तक उक्त धोखाधड़ी से इस परिवार ने लगभग तीन करोड़ की रकम की कमाई सामने आयी है। सेबी द्वारा तो जांच 1 जनवरी 2019 से की गई, धोखा धड़ी कब से की जा रही थी कहा नहीं जा सकता। धोखाधड़ी के इस मामले के तहत चैनल के सोमवार से शुक्रवार तक नित्य प्रातः  चलने वाले स्टॉक 20-20 कार्यक्रम मे दर्शको को  कुछ कंपनी के शेयरों को खरीदने या बेचने की सलाह दी जाती थी। दर्शक, चैनल एवं होस्ट श्री हेमंत घई की अनुशंसा पर वे शेयर खरीद या बेच देते थे और उसी दिन उनको बापस बेच कर मुनाफा कमाते थे पर अनेकों बार अनुशंसा विफल होने पर घाटा उठाने के लिए निवेशक वाध्य भी होते थे। ठीक इसी तरह शेयर मार्केट बंद होने के पूर्व एक अन्य कार्यक्रम के तहत शेयर  "आज ख़रीदों कल बेचों" (बीटीएसटी)  या "आज बेचों कल ख़रीदों" (एसटीबीटी) के तहत कंपनियों के शेयर खरीदने/बेचने की अनुशंसा करते थे। इन कार्यक्रमों मे एक चलताऊ वैधानिक चेतावनी भी सामान्य लोगों हेतु  प्रचारित/प्रसारित की जाती थी कि "निवेश बाज़ार के जोखिमों के अधीन होता है, कृपया निवेश के पूर्व अपने विशेषज्ञ की सलाह ले",। यहाँ तक तो तब भी ठीक था। पर धोखा धड़ी की शुरुआत तब होती थी जब एंकर हेमंत घई जिन कंपनियों के शेयर को खरीदने की अनुशंसा शेयर मार्केट के खुलने के पूर्व करता था उन मे से एकाध कंपनी के शेयर वो अपनी पत्नी और माता जी के नाम एक दिन पहले ही खरीद लेता था और जब दूसरे दिन उसकी शेयर खरीदने की अनुशंसा टीवी पर प्रसारित होती तो हम जैसे दर्शक उन शेयर की खरीद शुरू कर देते जिससे उन शेयर के दाम बढ़ना शुरू हो जाते इसी बीच उनकी पत्नी एवं माँ के नाम एक दिन पहले खरीदे गये शेयरों को बाज़ार मे बेच कर मोटा मुनाफा कमा लिया जाता। चैनल के दर्शकों के पैसे की कीमत पर धोखा धड़ी कर ये मोटा मुनाफा हेमंत घई एवं उनके परिवार  द्वारा कमाया गया।   

धोखाधड़ी के इस मामले मे देश के एक प्रमुख औध्योगिक घराने रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के स्वामित्व वाले इस चैनल के कर्मचारी की इस  धोखाधड़ी के बारे मे किसी भी दृश्य श्रव्य या प्रिंट मीडिया ने कोई समाचार प्रकाशित या प्रसारित नहीं किया। अफसोस इस बात का है कि देश मे निकलने वाले राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय या स्थानीय  दैनिक समाचार पत्रों ने भी इस धोखाधड़ी के बारे मे एक लाइन का समाचार भी नहीं प्रकाशित किया। सीएनबीसी आवाज टीवी चैनल  ने अपने कर्मचारी की इस काली करतूत पर खेद जाताना तो दूर उनके कर्मचारी द्वारा आम दर्शको से  करोड़ो रूपये की लूट के इस समाचार को प्रसारित करने मे गुरेज किया। सीएनबीसी आवाज समाचार चैनल ने महज इतनी नैतिकता जरूर दिखाई कि इस न्यूज़ एंकर को दिनांक 14 जनवरी से अपने चैनल से पूर्णतः  अलग कर दिया, अभी ये कहना मुश्किल है कि इस एंकर को हटाया गया या नहीं। कोई कानूनी कार्यवाही की गई या नहीं इसकी सूचना भी चैनल ने अपने प्रसारण मे नहीं की।    

जो न्यूज़ ब्रोडकास्टिंग एसोशिएशन (mail id:  nba@nbanewdelhi.com) के सदस्य  कल तक टीआरपी के मुद्दे पर "कूकर क़तरव्योंत" कर एक दूसरे पर दोषारोपण करते नहीं थकते थे, आज रिलायंस इंडस्ट्रीज़ जैसे  बड़े औध्योगिक घराने के स्वामित्व वाले  टीवी चैनल पर उसके एंकर द्वारा दर्शकों के साथ किये गये फ़्रौड, घोटाले और धोखाधड़ी पर मौन है मानों उनके "मुँह मे दही जमा" हो? एक मिनिट मे दस, या दस मिनिट मे सौ समाचार दिखाने वाले ये टीवी चैनल गली चौराहे के झगड़े, फसाद पर फिल्म "पीपली लाइफ" के तरह   अनर्गल समाचार दिखा कर अपने आपको देश का जिम्मेदार समाचार चैनल बता "अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बन कर" या  "अपनी ही पीठ थपथपाने वाले" ये चैनल  कुछ माह पूर्व "कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग द्वारा भी निवेशकों के साथ हुई धोखाधड़ी पर  ये समाचार चैनल ऐसे ही मौन रहे!! हम जैसे निवेशक यूं ही लुटते पिटते रहे, न तो सरकार ने हस्तक्षेप किया और ने ऐसे ज्वलंत मुद्दे पर इन समाचार चैनल्स ने  अपने कर्तव्य का निर्वहन किया।   

मै सरकार और ब्रॉडकास्टिंग कण्टेंट्स कोम्प्लैंट्स काउंसिल (mail id:  ibf@ibfindia.com)से मांग करते है की आपके न्याधिकार के  अधीन आने वाले इन समाचार चैनल को बगैर किसी पक्षपात के निष्पक्षता के साथ जनहित के समाचारों को प्रसारित एवं प्रसारित कर जनता के हितों की रक्षा करने के निर्देश जारी करे। हम ये भी मांग करते है सीएनबीसी आवाज भी उनके कर्मचारी द्वारा की गई धोखाधड़ी के लिये अपने चैनल पर विना शर्त खेद और अफसोस प्रकट करे।

विजय सहगल   

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