"कट्टर
ईमानदार"
पिछले दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप पार्टी के प्रमुख
श्री अरविंद केजरीवाल ने एक नया शब्द गढ़ा "कट्टर ईमानदार"। ये शब्द
उन्होने हाल ही मे 19 मार्च 2022 को बनी पंजाब सरकार के अपने ही स्वास्थ मंत्री रहे श्री विजय सिंगला
के 24 मई 2022 को रिश्वत के आरोप मे बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की प्रितिक्रिया के
फलस्वरूप प्रकट की। "कट्टर ईमानदार" शब्द सुनकर मै विस्मय और आश्चर्य से
हैरान था क्योंकि मैंने इस तरह के
पद-विन्यास को कभी देखा या सुना न था इसलिये गूगल की सहायता लेने का निश्चय किया।
गूगल पर मुझे कट्टर शब्द के अर्थ और पर्यायवाची शब्दों को
खोजने के प्रयास मे जानकारी मिली कि कट्टर शब्द का अँग्रेजी अर्थ "hardcore"
अर्थात कठोर शब्द के रूप मे हुई। हिन्दी मे
इस के समानार्थी शब्दों मे रूढ़िवादी,
तीक्ष्ण, कर्कश,
अभावुक, समझौता विरोधी,
धर्मांध, उन्मत्त,
पक्का, भ्रांत बुद्धिवाला,
झक्की, मतान्ध जैसे शब्द गूगल मे सर्च करने पर
प्राप्त हुए। उक्त सारे शब्द नकारात्मक भाव लिये थे। इसके विपरीत ईमानदार के
पर्यायवाची शब्दों के रूप मे सच्चा,
नेकनीयत, चोखा,
सत्यवादी, निष्कपट,
उदार, शुद्ध,
न्याय संगत, जैसे शब्द प्राप्त हुए
जो सारे सकारात्मक भाव लिये थे।
इस
"कट्टर ईमानदार" शब्द के बारे मे और अधिक जानकारी लेने हेतु मैंने 85
वर्षीय प्रोफेसर श्री जी॰ बी॰ सिंह से
मुलाक़ात की जो संस्कृत महाविध्यालय, ग्वालियर से प्रधानाचार्य के पद से सेवनिवृत्त हो हमारे
पड़ौस मे निवासरत है। श्री सिंह साहब ने बड़ी ही दिलचस्प और रोचक जानकारी
दी। उन्होने बताया कट्टर शब्द से आशय "काटना" अर्थात कुत्ते या अन्य
पशुओं द्वारा काटने के संदर्भ मे किया जाता है। उन्होने भी कट्टर शब्द के
उपर्युक्त पर्यावाची शब्दों का अनुमोदन कर अपनी सहमति बताई,
साथ ही दोनों शब्दों के विपरीत भाव होने के कारण इनके एक साथ उपयोग को व्याकरण और
व्यावहारिक दृष्टि से गलत बताया। "कट्टर" जैसे नकारात्मक भाव के शब्द का
उपयोग "ईमानदार" जैसे सकारात्मक भाव के शब्द के साथ करना उसी तरह
अनुपयुक्त और अनुचित है जैसे श्री रहीम दास जी ने अपने एक दोहे मे लिखा है:-
कहु रहीम कैसे निभे, बेर केर
को संग।
वे डोलत रस आपने, उनके फाटत
अंग॥
अर्थात जैसे विपरीत स्वभाव के बेर और केले के पेड़ साथ
साथ नहीं रह सकते उसी प्रकार सज्जन और दुर्जन व्यक्ति भी साथ साथ नहीं रह सकते,
क्योंकि जैसे दानव,
असुर स्वभाव वाले काँटों से युक्त बेर का
पेड़ हवा के झोंकों से केले के पत्तों को अपने काँटों से छिन्न-भिन्न कर काट देता
है बैसे ही शैतान स्वभाव का व्यक्ति अपने आचरण और व्यवहार से भद्र और श्रीमान
पुरुषों को नुकसान पहुँचाते है।
ठीक इसी प्रकार कट्टर शब्द
के साथ ईमानदार शब्द का उपयोग नहीं किया जा सकता। क्योंकि जो व्यक्ति
"कट्टर" है वह कदापि ईमानदार/उदार
नहीं हो सकता और जो व्यक्ति
ईमानदार/सच्चा है वह कदापि कट्टर/उन्मत्त
नहीं हो सकता। इसलिए श्रीमान अरविंद केजरीवाल के ये कहना कि स्वतन्त्रता के
बाद आम आदमी पार्टी मात्र एक ऐसी पार्टी है जो "कट्टर ईमानदार है" उनको
और उनके दल को शक, शंका और संदेह के घेरे मे खड़ा करता है??
यूं भी सत्य संकल्पों, ईमानदारी
के व्रत और सिंद्धांतों के पथ पर चलने वाले माननीय अन्ना हज़ारे जी के आंदोलन से
उपजे श्री अरविंद केजरीवाल ऐसे "संकर" भ्रूण है जिनकी राजनैतिक
महत्वाकांक्षा के महल की बुनियाद ही झूठ, फरेब और बेईमानी के धरातल पर हुई!! विदित हो अन्ना
हज़ारे के स्पष्ट निर्देश कि हमारे आंदोलन मे शामिल लोग राजनीति और राजनैतिक दलों
से पूर्णतः दूर रह कर आंदोलन करेंगे!! उस संकल्प पर माननीय श्री केजरीवाल जी कुछ
हफ्तों तक भी कायम न रह सके। उनके बड़े सरकारी बंगला और बड़ी कार न लेने का संकलप भी
सभी को याद होगा!! उनके जैसा मिथ्याचारी और अहंकारी नेता जब अपनी आत्मप्रवंचना मे
पंजाब के स्वास्थ मंत्री विजय सिंगला को रिश्वत खोरी और भ्रष्टाचार मे लिप्त होने
पर बर्खास्त कर अपनी पार्टी को "कट्टर ईमानदार" घोषित करता है तो हंसी
आती है। "शून्य सहिष्णु" लक्ष्य को प्राप्त करने, 2
अक्टूबर 2012 मे आप पार्टी के गठन से लेकर आज तक के उनके कार्यकाल पर जब दृष्टिपात करते है, तो इनके
मंत्रियों और पदाधिकारियों के जाली डिग्री, दंगों मे संलिप्तता, पत्नी से घरेलू हिंसा, दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव
के विरुद्ध हिंसात्मक अपराध, आदि के मामलों को नज़रअंदाज़
भी कर दें तो भी वर्ष 2016 मे उनके एक मंत्री आशिफ अहमद खान को छह लाख के
रिश्वत लेने के औडियो वाइरल होने के कारण हटाना पड़ा, मंत्री
संदीप कुमार को एक महिला से दुर्व्यवहार और रेप के कारण बर्खास्त करना पड़ा।
लेकिन तथाकथित
"कट्टर-ईमानदार" पार्टी के श्री अरविंद केजरीवाल के निकतम सहयोगी और
सरकार के कैबिनेट मंत्री को जब 30 मई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय ने 16.39 करोड़ के
मनी लौंड्रिंग केस मे गिरफ्तार कर जब पूंछ-तांछ की गयी तो उनकी कोरोना के कारण
यदादाश्त चले जाने का बहाना बना बचने की नाकाम कोशिश की और अब तक आर्थिक अपराध के
जुर्म मे कारावास की सजा भोग रहे है!! 19
मार्च 2022 को पंजाब सरकार के गठन के बामुश्किल एक माह ही गुजरा था कि उनके स्वास्थ मंत्री विजय सिंगला 22
मई 2022 को मंत्रालय के सभी ठेकों पर 1% कमीशन लेने के आरोप मे गिरफ्तार किया गया।
अपनी ही पार्टी के मंत्री की गिरफ्तारी को
"कट्टर ईमानदार" कह ऐसे प्रदर्शित किया गया मानो ये मंत्री महोदय किसी
अन्य पार्टी या ग्रह के वासी हों?
अभी हाल हि मे दिल्ली मे
शराब की नीति मे परिवर्तन कर निजी हाथों के सुपुर्द करने के विरुद्ध दिल्ली के
उपराज्यपाल द्वारा सीबीआई जांच के आदेश देने के कारण श्री अरविंद केजरीवाल के
चेहरे से "कट्टर ईमानदार" होने
का छद्म नकाब का पर्दाफाश कर दिया। दिल्ली सरकार की आबकारी नीति मे परिवर्तन की कुचेष्टा ने अरविंद
केजरीवाल को एक बहुत बड़ा भ्रष्टाचरण कांड करने से बचा लिया?? लेकिन शायद,
सीबीआई द्वारा आबकारी नीति मे भ्रष्टाचार की जांच की आंच उन्हे आने वाले समय मे
चैन से बैठने न देगी??
विजय सहगल



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