मंगलवार, 15 मार्च 2022

सुरक्षा/कानून व्यवस्था का महत्व

 

"सुरक्षा/कानून व्यवस्था का महत्व?"







 

पिछले दिनों उत्तर प्रदेश की चुनावी चर्चाओं मे बेरोजगारी और महंगाई की खूब चर्चा चली। राजनैतिक दलों ने इस दौरान एक दूसरे पर  खूब आरोप प्रत्यारोप लगाये गये, पर  उत्तर प्रदेश मे, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था की स्थिति पर सभी नागरिक निर्विवाद रूप से एकमत थे कि प्रदेश मे सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था की स्थिति काफी अच्छी और ठीक है। निर्भय होकर लोग प्रदेश मे आ जा सकते है। गुंडागर्दी, रंगबाजी, लूटपाट, माफियाओं की चौथ बसूली पूरी तरह से बंद हो गयी। माफियाओं की काली कमाई से अर्जित सम्पत्तियों को बुलडोजर की सहायता से  ज़मींदोज़ कर मिट्टी मे मिला दिया गया। प्रदेश मे कहीं कोई दंगा फसाद का नमो निशान नहीं था। उत्तर प्रदेश मे  सुरक्षा और कानून व्यवस्था के वारे मे अच्छी  धारणा बनाने मे 10 जुलाई 2020 को बिकरू गाँव, कानपुर की उस मुठभेड़ ने अहम भूमिका अदा की जिसमे आठ पुलिस अधिकारियों की नृशंस तरीके से हत्या करने वाला शातिर अपराधी विकास दुबे को पुलिस वाहन पलटने के दौरान, मौके का फायदा उठा पुलिस हिरासत से भागने और पुलिस दस्ते पर बंदूक से हमला  करने के प्रयास के दौरान पुलिस मुठभेड़ मे मार गिराया गया। घटना छोटी थी पर संदेश बहुत बड़ा छोड़ गयी। इस घटना से प्रदेश के अपराधियों मे एक डर और भय का वातावरण व्याप्त हो गया। जो अपराधी खुले आम अपराध करते थे अपराध छोड़ने की तख्तियाँ अपने गले मे लटका पुलिस थानों मे सपर्पण कर स्वयं को जेलों मे बंद कराने की अनुनय विनय करने लगे।

क्या ऐसा संभव नहीं  कि मानव समाज पर बोझ बनने वाले अपराधियों और असामाजिक तत्वो को ठीक उसी तरह मानव समाज से अस्वीकार, खारिज या विलीन कर देना चाहिये जैसा कि बैंक के ऋण को क्रमबद्ध तरीके से गैर निष्पादन आस्तियों से शुरू कर बट्टे खाते मे डालने तक  की पृक्रिया के पश्चात बैंक की किताबों से खारिज/निकाल (राइट ऑफ) दिया जाता है??     

मेरा मानना है कि "सुरक्षा व्यवस्था" मे कमी के चलते चंद दिनों के भीतर  किसी देश और उसके नागरिकों की दुर्दशा, दुर्गति और  नरकीय स्थिति मे परिवर्तित होने का सबसे सटीक उदाहरण यूक्रेन है। "सुरक्षा व्यवस्था" का विषय कितना  महत्वपूर्ण है, इसको यूक्रेन देश की वर्तमान  भयावह स्थिति को देख भली भाँति समझा जा सकता है। यूक्रेन के सभी नागरिक वैभव और विलासता की किसी भी वस्तु के मुंहताज़ नहीं थे। दुनियाँ की सभी सुख सुविधायेँ  नागरिकों को आसानी से सुलभ थी। शायद ही किसी यूक्रेनी नागरिक ने अपने जीवन मे कभी बेरोजगार, मेहंगाई, गैस सिलेंडर और पेट्रोल जैसी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से परेशानियों, कष्ट और पीड़ा का अनुभव किया हो?  हर नागरिक के पास रहने को आलीशान घर, आने जाने के लिये बड़ी बड़ी चमचमाती गाडियाँ, हाथ मे स्मार्ट फोन, खाने पीने की वस्तुओं के  भंडार, आमोद-प्रमोद एवं मनोरंजन के सुगम साधन, पर्यटन के लिये विकसित पर्यटन स्थल एवं सुख सुविधाओं युक्त विलसतापूर्ण होटल, क्या नहीं था, यूक्रेन जैसे विकसित देश मे? बस कमी थी तो संकटों और विपत्ति की घड़ी मे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की ताकि संकट के समय समाज और देश के सुरक्षा बल अपने नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने दुश्मनों से लड़ उन्हे परास्त कर सके। लेकिन ऐसा हो न सका। देश के नेतृत्व और सरकार नागरिकों को रक्षा और सुरक्षा देने मे नाकामयाब रही और मजबूरन देश के नागरिकों को अपने घर, संपत्ति, रोजगार सुख-सुविधाओं को छोड़ पलायन के लिये मजबूर हो दूसरे देशों मे शरणार्थीयों के रूप मे शरण लेने के लिये मजबूर होना पड़ा। सारी विलसता, सुख, समृद्धि, वैभव पूर्ण जीवन, विकास उन्नति सुरक्ष-व्यवस्था के चलते धरी-की धरी रह गयी। कल तक जो यूक्रेनी नागरिक वैभव और विलसता पूर्ण जीवन जीते थे वे आज अपने बच्चों और अपने लिये भोजन, पानी तक  को मुँहताज हो गये!!  आज यूक्रेन सुरक्षा व्यवस्था के अभाव मे  खंडहरों मे तब्दील एक उजड़ा, बर्बाद और क्षतिग्रस्त शहरों का देश हो चुका है, जहां पिछले बीस दिनों से दिन रात बमों के धमाकों की आवाज के बीच शमशान की एक नीरव शांति पसरी है, जिसका एक और मात्र एक कारण सुरक्षा व्यवस्था का पूर्णत: अभाव था। काश ये सुविधा भोगी यूक्रेनी नागरिक कुछ मेंहगाई को झेल लेते?  रोजगार मे कुछ कमी से ही गुज़र-बसर  कर लेते? वस्तुओं, वाहनों कपड़ों पर कुछ अतिरिक्त टैक्स दे देते? गैस, बिजली और ईधन की कुछ ज्यादा कीमत अदा कर देते? तो उनके देश का सुरक्षा तंत्र मजबूत हो जाता और आज उसके नागरिकों को  ऐसे कठिन, क्लेश के अशुभ और विभत्स दिन न देखने पड़ते?

ये कहने मे कोई अतिश्योक्ति या अतिरंजना  न होगी कि किसी भी देश के नागरिकों के जीवन मे सुख, समृद्धि और शांति बनाये रखने के लिये देश की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था का सुचारु  संचालन परमावश्यक है।  इस संदेश को उत्तर प्रदेश के नागरिकों ने सफलतापूर्वक अपने  जनादेश 2022 के माध्यम देश और दुनियाँ को दिया है जिसके लिये उत्तर प्रदेश का प्रत्येक नागरिक और वोटर बधाई का पात्र है।                            

विजय सहगल

1 टिप्पणी:

P.c.saxena ने कहा…

किसी भी समाज के लिए सुरक्षा और कानूनी व्यवस्था का मजबूत होना बहुत ही आवश्यक है इनके अभाव में बेहिसाब समस्याएं पैदा होती हैं जो दूसरी समस्याओं की अपेक्षा ज्यादा कष्टप्रद होती है