शनिवार, 23 अगस्त 2025

पाकिस्तान का फ़ेल फील्ड मार्शल, ज़ालिम जनरल

 

"पाकिस्तान का फ़ेल फील्ड मार्शल, ज़ालिम जनरल आसिम मुनीर"






22 अप्रैल 2025 को पहलगाम मे पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा पर्यटकों के नरसंहार के बाद भारत की बहादुर सेना और सुरक्षाबलों द्वारा 6-7 मई 2025 को किये गये ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत पाकिस्तान के अंदर घुस कर नौ आतंकवादी अड्डों को मिट्टी मे मिलाकर नेस्तनाबूद कर दिया। यही नहीं भारतीय जांबाज वायु सेना ने पाकिस्तान के 13 हवाई अड्डों को भी तवाह कर पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र को तहस-नहस कर दुनियाँ को अपनी सैन्य ताकत और तकनीकी शक्ति का लोहा मनवाया। इस घोर पराजय के बावजूद भी पाकिस्तान का दुर्भाग्य देखिये कि इस फ़ेल और असफल जनरल ने पाकिस्तानी सरकार पर दबाव बनाकर  स्वयं को  प्रोन्नति दिलवा,  फील्ड मार्शल घोषित करवा दिया। पाकिस्तान के इस स्वयं भू फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की हीन भावना और तुच्छ मानसिकता का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान मे आज भी लाखों हिन्दू नागरिकों के बावजूद, देश का सेना प्रमुख, जनरल मुनीर देश के सार्वजनिक मंच से देश के  नागरिकों के बीच भेद भाव भरे वक्तव्य देता हैं। 17 अप्रैल 2025 को इस्लामाबाद मे प्रवासी पाकिस्तानियों की ओवरसीज कन्वेंशन 2025 को संबोधित करते हुए उसने अकारण ही हिंदुओं से श्रेष्ठता का बखान करते हुए कहा कि, "हम हर संभव क्षेत्र मे हिंदुओं से अलग है, हमारा धर्म अलग है, हमारे रीति रिवाज़ अलग हैं, हमारी संस्कृति अलग है और हमारी सोच अलग है, हमारी महत्वाकांक्षाएं अलग है। यह दो राष्ट्रों की नींव  थे।" विदित हो कि जिन्ना और  इस विक्षिप्त चित्त फील्ड मार्शल के दो राष्ट्र का सिद्धान्त कितना असफल और अव्यवहरिक थी कि 1971 मे अपने ही बहुसंख्यक इस्लामी जनसंख्या  के बावजूद पूर्वी पाकिस्तान, बांग्लादेश के रूप मे क्यों अलगा होता? इसका कारण स्पष्ट है कि इस फील्ड मार्शल की सोच, कथनी-करनी  और इस्लाम की शिक्षाओं मे जमीन आसमान का अंतर है। कोई बड़ी बात नहीं मुल्ला मुनीर की यही स्वेच्छाचारिता, सनकी और सिरफिरापन, बलूचिस्तान प्रांत को बांग्लादेश की राह पर अग्रसर कर शीघ्र, पाकिस्तान से अलग करेगा। जब  देश के सेना प्रमुख होते हुए भी अपने ही देश के दूसरे धर्मावलंबि हिन्दुओ, सिक्खों, बौद्धो और इसाइर्यों के प्रति इतना पूर्वाग्रह, ईर्ष्या, डाह  और जलनभरी सोच हो तो उस सेनाप्रमुख आसिम मुनीर की  अधम, नीच और घृणास्पद सोच का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। अपने ही देश के नागरिकों के प्रति ऐसी घटिया मानसिकता और घिनौनी सोच रखने वाले राष्ट्र प्रमुख के चलते कोई राष्ट्र कैसे उन्नति, प्रगति और विकास के पथ पर आगे बढ़  सकता है? यही कारण है कि पाकिस्तान के धर्मांध राष्ट्र नेताओं के कारण ही आज पाकिस्तान दाने-दाने को मुंहताज है और भुखमरी के कगार पर खड़ा है। जब सेना प्रमुख की ऐसी मूढ़ सोच हो उस देश की  शिक्षा, आधुनिक विज्ञान, उन्नति और औध्यगिक विकास का क्या हाल होगा, इसको वर्तमान पाकिस्तान को देख कर भलीभाँति समझा जा सकता है। ऐसी सोच और मानसिकता, आसिम मुनीर की कुंठा, हीन भावना, निराशा और हताशा को दर्शाती  है।

अभी हाल ही मे पिछले दिनों 10 अगस्त 2025 को इसी अस्थिरचित्त मार्शल मुनीर ने अमेरिका के फ्लॉरिडा मे अमेरिका मे रह रहे पाकिस्तानी प्रवासियों को संबोधित  करते हुए बहुत ही गैरजिम्मेदारना वक्तव्य दिया। इस कार्यक्रम मे उसने भारत को परमाणु युद्ध की खुली धमकी दी। मुनीर ने कहा, "हम परमाणु शक्ति सम्पन्न देश हैं। अगर हमे लगा कि हम डूब रहे हैं, तो आधी दुनियाँ को अपने साथ ले डूबेंगे। इस तानशाह जनरल ने पहली बार अमेरिका की धरती से किसी तीसरे देश को दी है! जनरल मुनीर के मन मे चल रहे असुरक्षा, अंतर्विरोध, और  उसकी कायराना, बुजदिल और उन्माद से भरी  धमकी को  इसी बात से समझा जा सकता है कि उसने कार्यक्रम मे शामिल होने आये  सभी आगंतुकों के  मोबाइल फोन या ऐसे  किसी भी यंत्र और उपकरण को सभा कक्ष के बाहर जमा करवा लिया था, ताकि उसके वक्तव्य की  ऑडियो या  वीडियो रेकोर्डिंग न हो सकें!!

श्रीमद्भगवत गीता मे आसुरी स्वभाव वाले व्यक्तियों के दुराचरण का वर्णन करते हुए भगवान श्री कृष्ण कहते हैं:-

एतां दृष्टिमवष्टभ्य नष्टात्मानोऽल्पबुद्धयः।
प्रभवन्त्युग्रकर्माणः क्षयाय जगतोऽहिताः।।अध्याय 16 श्लोक 9।। अर्थात

इस मिथ्या ज्ञान को अवलंबन करके जिनका स्वभाव नष्ट हो गया है, तथा जिनकी बुद्धि मंद है, वे सबका अपकार करने वाले क्रूरकर्मी मनुष्य, केवल जगत के नाश के लिये ही तत्पर होते है। जो जनरल मुनीर पर पूरी तरह लागू होती हैं। 

ऑपरेशन सिंदूर मे जो कायर पाकिस्तानी    सेना प्रमुख आसिम मुनीर अपने देश के  हवाई अड्डों, आतंकी ठिकानों और युद्धक विमानों की रक्षा न कर सका हो वो भारत जैसे देश को, सिंधु जल संधि पर अपनी मिसाइलों से उड़ाने की धमकी दे रहा हैं। लेकिन भारत के विदेश मंत्रालय ने मुल्ला मुनीर की इन गीदड़ भावकियों का समुचित जबाव देते हुए ठीक ही कहा कि भारत किसी न्यूक्लियर ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा। मंत्रालय ने ये भी कहा कि जिस देश मे सेना, आतंकवादी  समूहों के साथ मिली हो, वहाँ परमाणु कमांड और कंट्रोल की विश्वसनीयता पर संदेह होना स्वाभिक है।

लेकिन जिस  परमाणु सम्पन्न राष्ट्र पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष द्वारा अमेरिका की धरती से खुलेआम परमाणु युद्ध की धमकी देना, एक गंभीर विषय है। जनरल मुनीर की एटोमिक युद्ध की धमकी, भारत के इन  आरोपों की  पुष्टि करते है कि पाकिस्तान के पास एटोमिक शक्ति होना पूरी दुनियाँ के लिये खतरा है। पेंटागन के एक पूर्व सुरक्षा अधिकारी माइकल रूबिन ने, जनरल मुनीर की इस तरह खुले आम परमाणु युद्ध की धमकी पर पाकिस्तान को, एक गैरजिम्मेदार और  दुष्ट देश निरूपित करते हुए जनरल  मुनीर की आलोचना की है। उन्होने मुनीर के बयानों की तुलना आइसिस और ओसामा बिन लादेन से की है। उन्होने जनरल मुनीर को सूट पहने विश्व के सबसे घृणित आतंकवादी ओसामा बिन लादेन की संज्ञा दी।  विदित हो कि मुनीर ने  इस समय अमेरिका की उस धरती से, परमाणु युद्ध की धमकी दी है, जहां दुनियाँ के सबसे जघन्य 9/11 सहित अनेक आतंकी हमलों  मे, पाँच हजार से ज्यादा अमेरीकन नागरिक मारे जा चुके है। ये दुनियाँ सहित अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रूम्प को भी खुली चुनौती है जिनके बुलावे पर जनरल मुनीर इन दिनों अमरीका प्रवास पर हैं।

मुनीर की बाते जितनी लापरवाह, अनुत्तरदायी और गैर जिम्मेदाराना हैं उतनी ही चिंता और परेशानी पैदा करने वाली हैं। पाकिस्तान की वर्तमान व्यवस्था मे भले ही  चुनी हुई शरीफ सरकार है पर सारे फैसले, सेना प्रमुख द्वारा लिये जाते है। परमाणु धमकी का उदाहरण इस बात की पुष्टि से ही परिलक्षित हो रहा है कि परमाणु युद्ध का बटन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के हाथ मे न होकर सेना प्रमुख मुनीर के हाथ मे है जो गंभीर चिंता और परेशानी का कारण है।

भारत, अमेरिका, यूरोपियन देशों सहित दुनियाँ के अन्य  देशो को आगे आकार पाकिस्तान और उसकी सेना के जनरल मुनीर के परमाणु युद्ध की धमकी भरे इस गैरजिम्मेदारना वक्तव्य को गंभीरता से लेते हुए पाकिस्तान को उसकी परमाणु शक्ति संपन्नता से वंचित करने का प्रयास करना चाहिये ताकि दुनियाँ को फिर एक बार परमाणु युद्ध के कगार पर जाने से बचाया जाय।

विजय सहगल  

2 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

राम राम जी

बेनामी ने कहा…

सुंदर लेखन शैली 👌👌👌👌