शनिवार, 22 जुलाई 2023

"India" v/s "Indi Alliance" अर्थात आँख के अंधे नाम नयन सुख

 

"India" v/s "Indi Alliance"

अर्थात  आँख के अंधे नाम नयन सुख

भारतीय राजनीति मे मसख़रों की कोई कमी नहीं है। अभी हाल ही मे विपक्ष के 26 दलों ने मिल कर एक गठबंधन बनाया और उसे नाम दिया "इंडियन नेशनल डेव्लपमेंट इंक्लूसिव एलाइंस" अर्थात इंडिया। इंडिया गठबंधन के नाम से विपक्षी दलों के सदस्य इसलिए अति प्रसन्न और प्रफ़्फुलित है मानों उनके मन की मुराद पूरी हो गयी!! उन्हे गठबंधन का नाम India  अर्थात इंडिया नाम रख लेने से राष्ट्रियता और राष्ट्र भक्ति का लाइसेन्स मिल गया हो। क्या उन्होने देश के मतदाताओं को वेबकूफ समझ रखा है?

इस संदर्भ मे मैं अपने सेवाकाल मे चंबल मे घटे एक वाक़या सांझा करना चाहता हूँ। जब अपने संस्थान के व्यावसायिक हितों की खातिर मै एक गाँव मे एक परिवार से मिलने गया जो गाँव के गणमान्य व्यक्ति थे और लोग उन्हे मुखिया जी कह कर पुकारते थे। बातचीत मे मुखिया जी  ने बतलाया कि उनके दो बेटे है एक कलेक्टर है और दूसरा तहसीलदार। यह सुन, मेरे मन मे उस परिवार और मुखिया जी  के प्रति सम्मान, आदर और गहरा हो गया। मै कुछ अतरिक्त सावधान था कि परिवार के मुखिया, जिसका एक बेटा कलेक्टर और दूसरा तहसीलदार है के आदर और  मान सम्मान मे कहीं कोई कमी न रह जाये!! जब मैंने मुखिया जी से उनकी पोस्टिंग आदि के बारे मे पूंछा? तो मुखिया जी ने आवाज दे कर उन दोनों को हमारे सामने बुला कर खुद ही बात करने के लिये कह दिया। दोनों की शक्ल सूरत, उनके आचार व्यवहार को जिज्ञासा से देख, फिर भी मैंने अपना परिचय दिया। तो उन दोनों मे से एक ने अपना नाम "कलेक्टर सिंह" और दूसरे ने "तहसीलदार सिंह" बता सामने पड़ी खटिया  पर बैठने का आग्रह किया। घटना की वास्तविकता पहचानने मे मुझे ज्यादा देर नहीं लगी!! हक़ीक़त से परिचित होने पर मुझे अपने आप पर मन ही मन  हँसी आयी कि बेशक मुखिया जी बच्चों को कलेक्टर और तहसीलदार न बना सके पर उनके नाम कलेक्टर और तहसीलदार रखने से तो कोई उन्हे नहीं रोक सका। कुछ ऐसी ही कथा, व्यथा 26 राजनैतिक दलों के गठबंधन की भी है जो India जैसा मान सम्मान और आचरण भले ही न रख पाया हो पर "इंडिया" नाम रखने से उन्हे कौन रोक सकता है? अब तो "India" गठबंधन के कुछ सदस्यों को लगे हाथ अपने नाम के आगे "प्रधानमंत्री" शब्द भी लगा लेना चाहिये ताकि जीते जी उनके मन की ख्वाहिस तो कम से कम पूरी हो जाए!! और  वे लोगों को बता सके कि वे "India" के प्रधानमंत्री फलां-फला है!! या वे India के प्रधानमंत्री सुश्री फलां-फला हैं!! वैसे महान शायर गालिब ने अपने काल जयी शेर मे यों  हूँ ही नहीं कहा होगा कि  -

हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन ।

दिल के ख़ुश रखने को, "गालिब" ये ख़्याल अच्छा है ॥    

इंडिया गठबंधन के दल ये मान कर चल रहे हैं, मानों अब कोई भी "इंडिया" शब्द के कारण उनके विरुद्ध कोई वक्तव्य या विरोध नहीं कर सकता। वे मान कर ऐसे चलते है जैसे प्राचीन समय मे विदेशी आक्रांता युद्ध के समय गायों, महिलाओं या धार्मिक प्रतीकों  को युद्ध के समय आगे कर दिया करते थे तब विरोधी राजा अपनी धर्म और सांस्कृति के रक्षार्थ और सांस्कृति के प्रति समर्पण और सम्मान के कारण  बगैर लड़े या अपने प्रतीकों को बचाने के फेर मे ही पराजित हो जाते थे। भीरु और कायर शत्रु और आक्रांता,  भारतीय राजाओं के मानोभावों और भावनाओं से खिलवाड़ कर युद्ध मे कभी महिलाओं, गाय या धर्म चिन्हों को आगे कर छद्म और कुटिल नीति से पराजित कर दिया करते थे। वे जानते थे कि यहाँ के राजाओं की  धर्म के प्रति आस्था और  समर्पण से कैसे नाजायज फायदा उठाया जाएँ। आज इंडिया का ये गठबंधन कुछ उसी राह पर चल कर सदियों पुराने "कपट" और "कुटिलताओं" की चाल चलकर देश के मतदाताओं को भ्रांत और भ्रमित करना चाहता है। लेकिन वे ये नहीं जानते कि आज देश के लोग धर्म भीरु नहीं अपितु जागरूक और सजग हो गए है। वे "Indi Alliance" और "India" मे फर्क करना जान गए है। वे इंडिया के पीछे के इस गठबंधन के सदस्यों की बदनीयति  को अच्छी तरह पहचानते  है और  इन की कारगुजारियों के झांसे मे अब आने वाले नहीं है।

पहले देश के राजनैतिक दल अपने दल के नाम के साथ  "भारतीय", "राष्ट्रीय" या "इंडियन"  शब्द लगा कर राष्ट्र और राष्ट्र भक्ति से अपने आप को जोड़ता था पर इन दलों ने तो अब राष्ट्र के नाम से ही गठबंधन बना लिया। मानों अब देश के मतदाता "इंडिया" शब्द के कारण उनको मत और समर्थन देने के लिये नैतिक दृष्टि से बाध्य हो गएँ हों? भारतीय मतदाता अब परिपक्व हो चुके हैं वे जानते है कि सच्चा इंडिया सच और ईमानदारी की खातिर खड़ा है जबकि-:

"Indi Alliance" मे लालू यादव जैसे सजायाफ्ता अपराधी है!

"Indi Alliance" मे आप पार्टी जैसे लोग शामिल है जिनके उपमुख्यमंत्री और मंत्री जेल मे है।

"Indi Alliance" भ्रष्टाचार के आरोप मे पूरा का पूरा गांधी परिवार जमानत पर है।

"Indi Alliance" मे बंगाल के भ्रष्ट मंत्रियों के घर से करोड़ो रुपए नगदी बरामद होने  की घटना को कौन भूल सकता है।

"Indi Alliance" मे एक जाति विशेष की राजनीति करने वाले परिवार से देश के लोग भलीभाँति परिचित है।

"Indi Alliance" मे धारा 370 की आड़ मे दशकों तक अब्दुल्ला और मुफ़्ती परिवार ने अपने निजी स्वार्थ और हितों की खातिर जम्मू कश्मीर के लोगो को विकास से दशकों तक वंचित रक्खा।

"Indi Alliance" मे हिंदुओं के तथाकथित पैरोकार शिव सेना सत्ता की ख़ातिर अपने धुर विरोधियों से हाथ मिला सकते हैं।

"Indi Alliance" मे 1975 मे देश मे लोकतन्त्र की हत्या का प्रयास करने वाली वाली काँग्रेस के आपात काल का समर्थन करने वाली भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी भी इस गठबंधन का हिस्सा है।    

देश के लोग "India" और "Indi Alliance" के  फर्क को जानते है और गहराई से India और "Indi Alliance" के लोगो के चाल चरित्र और चेहरे के अंतर को मानते, जानते और समझते है।

काँग्रेस के लिए इंडिया शब्द के नाम का दुर्पयोग करना कोई अनूठी या अनोखी बात नहीं है। 1975  मे इन्दिरा गांधी द्वारा देश पर आपातकाल की घोषणा के बाद काँग्रेस के एक चाटुकार नेता डी के बरुआ ने उन दिनों एक नारा दिया था "India is Indira", "Indira is India" अर्थात इन्दिरा (गांधी) ही भारत है और भारत ही इन्दिरा है। वास्तव मे ये किसी व्यक्ति विशेष की वैसी ही आत्मप्रवंचना थी जैसे पुराने जमाने मे चारण भाट कवि अपने राजा की शान मे कसीदे पढ़ते थे। डी के बरुआ द्वारा "इन्दिरा गांधी" की तुलना "भारत" से करना कुछ ऐसी ही खुशामद और चाटुकारता की पराकाष्ठा थी। लेकिन कटु सच ये था कि श्रीमती इन्दिरा गांधी तो परलोकगमन कर गईं पर भारत देश आज भी "अजर", "अमर" है और अनंत काल तक रहेगा। आज  कुछ ऐसी ही  आत्ममुग्धता विपक्षी दलों ने अपने गठबंधन का नाम "इंडिया" रख कर प्रदर्शित की है। वैसे गांधी उपनाम रख कर अपने आप को महात्मा गांधी से जोड़ने के ऐसे ही छल प्रपंच और  छद्म प्रयास  से  भ्रम फैलाने का प्रयास आज भी गांधी परिवार कर रहा है।      

आने वाले 2024 मे देश मे पार्लियामेंट के चुनाव तो होंगे ही और देश के मतदाता अपने मताधिकार से "India"  के  लोकतन्त्र को तो अवश्य एक बार मजबूत कर  जिताएंगे ही पर "Indi Allaince" का ऊंट किस करवट बैठेगा ये तो समय ही बताएगा??            

 

विजय सहगल        

7 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

जो कुछ आपने लिखा है,आम जनमानस की ही भावनाओं को व्यक्त किया है।सहगल साहब आप निश्चित ही बधाई के पात्र हैं ।

बेनामी ने कहा…

हमारे मन की बात आपने बहुत ही सशक्त ढ़ंग से कह डाली। बधाई हो।आपकी कलम इसी प्रकार चलती रहे, तथा इन सांपों की केंचुली हटती रहे
गोपाल सिंह जयपुर

बेनामी ने कहा…

भाईसाब, दरअसल इनमे लगभग हर एक नेता कहीं न कहीं किसी ना किसी तरह के घोटाले में शामिल है, अपने आप को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, अगर नहीं लड़ेंगे तो मोदी जी पर राजनैतिक बैमनस्यता का आरोप नहीं लगा पाएंगे। कोई सजायाफ्ता है, किसी की जांच चल रही है, किसी की जांच हो चुकी है , कोई जमानत काट रहा है।

बेनामी ने कहा…

बहुत सुंदर शब्दों में आपने रावण द्वारा साधु वेश धारण सीता अपहरणकर्ताओं की कोशिश करने वालों को नंगा किया । आप बधाई के पात्र हैं ।

बेनामी ने कहा…

बहुत सुंदर शब्दों में आपने रावण द्वारा साधु वेश धारण कर सीता अपहरणकर्ताओं की कोशिश करने वालों को नंगा किया । आप बधाई के पात्र हैं । मैं किसी भी राजनीतिक दल द्वारा इंडिया नाम रखने का विरोध करता हूँ । यह देश भक्त जनता को भ्रष्टाचारियों द्वारा भ्रमित करने की कोशिश है ।
N K धवन, लखनऊ

बेनामी ने कहा…

[22/07, 20:57] Murari Lal Agarwal Jhs: ठगों का गठबंधन
[22/07, 20:58] Murari Lal Agarwal Jhs: इंडिया का मजाक बनेगा
यथा इंडिया हारा
इंडिया की जमानत जब्त
इंडिया चारों खाने चित्त
आदि आदि जुमले सुनने को मिलेंगे
मुरारी लाल अग्रवाल, झाँसी

बेनामी ने कहा…

सहगल साहब, आपकी लेखन शैली सामरिक विषयों पर सामाजिक, राजनीतिक समस्याओं के समाधान हेतु एकदम सटीक प्रत्युत्तर है। सादर धन्यवाद 🙏👌अभिवादन । शुभेच्छु- रमेश जैन