बुधवार, 19 सितंबर 2018

हमारे पापा

- हमारे पापा -

यू तो हर शक्स की ज़िंदगी मे उसके पिता उसके आदर्श पुरुष होते है ऐसा हमारी ज़िंदगी मे भी था। हमे याद है हम जब सभी भाई बहिन छोटे थे हमारे पापा की पोस्टिंग उस समय राजा की मंडी आगरा मे थी। वो वीकेंड मे घर आते थे, यध्यापि मेरी बहुत बात उनसे नहीं होती थी फिर भी मन मे  सुरक्षा का  अहसास और एक अजीब उत्साह एवं खुशी बनी  रहती  थी  की पापा घर मे है। यह अहसास उनके रहने तक जब वो हमारे साथ झाँसी या  ग्वालियर मे रहे और  अंतिम समय मे   जब वो हमारे साथ ग्वालियर मे थे हम महशूस करते रहे। उनका देहांत चलते फिरते अचानक ग्वालियर मे हुआ। उनके देहांत के बाद एक घटना उनके बारे मे हमे श्री सूरन चाचा से ज्ञात हुई जिससे हमे अपने पापा के प्रति सम्मान और भी ऊंचा हो गया जो शायद और अन्य लोगो से उन्हे अलग करता है। श्री सूरन चाचा, श्रीमती रामकली चाची हमारे समाज के अभिन्न अंग है  एवं विशेषता: हमारे परिवार मे हमारे माता पिता की तरह ही सममानीय है जिनके विना हमारी समाज या घर मे कोई भी सुख/दुख: आदि  का कार्य नहीं होता। जिनसे मिल  कर हमे आज भी  हमेशा अपनी माँ/पिता से मिलने की खुशी मिलती है। ईश्वर उन दोनों को दीर्घ आयु एवं स्वस्थ रखे। सूरन चाचा ने जो की शुद्धि के पश्चात बैठक मे हमारे घर  आए जैसे की हमलोगो के यहाँ परंपरा है। उन्होने हमारे पापा की शादी  का एक प्रसंग बताया कि जब तुम्हारे पापा की शादी  ( सं -1953) हुई तो शादी की एक रश्म "कुँवर कलेऊ" होती  है। उसमे वर एवं उसके परिवार के सदस्य  को मंडप मे भोजन कराया जाता है। उकत कार्यक्रम मे परिवार के सदस्यों के अलावा उनके  अभिन्न मित्र श्री गनेशी लाल भी थे, (श्री गनेशी चाचा जीवन पर्यान्त हमारे परिवार के सदस्य रहे) उस जमाने मे रूढ बादिता और जातिबाद काफी था हमारे ननिहाल पक्ष के लोगो को उनके मित्र जो कि समाज के कमजोर वर्ग से थे का "कुँवर कलेऊ" कार्यक्रम मे सबके साथ भोजन करना पसंद नहीं आया और उनलोगों ने उनकी मंडप मे उपस्थिती पर एतराज़ किया। लेकिन हमारे पापा ने अपने मित्र के  विना कुँवर कलेऊ  मे भोजन करने से इंकार कर दिया, हार कर हमारे मामा एवं ननिहाल के परिवार को उनके मित्र को साथ मे वैठा कर उक्त कार्यक्रम को पूरा किया। उनकी उस समय मे भी  प्रगतिशील सोच को हम नमन करते है उनके संस्कार ही हमारे परिवार की आज भी थाती हैं। आज उनका जन्म दिन है हम आज उनको अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनको याद करते है। पापा हम सभी आपको प्यार करते है !!

विजय सहगल

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