"कोलकाता
मे अराजक आयोजन की पुनरावृत्ति"
शनिवार 2025 को अर्जेंटीना के विश्व प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी जिन्हे अब तक के
सबसे महान खिलाड़ी अर्थात GOAT (ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम) इंडिया टूर 2025 पर अपने शनिवार, 13 दिसम्बर 2025 से शुरू, तीन दिवसीय
भारत दौरे पर आने के पूर्व भारत के समाचार पत्रों मे बड़ी बड़ी सुर्खियों मे
उनकी शान मे कसीदे पढे गए, जो उनके जैसे व्यक्तित्व और महान खिलाड़ी के खेल
कौशल और योग्यता के अनुरूप था। अपने 72 घंटे के चका-चौंध भरे, विशुद्ध व्यावसायिक प्रायोजित भारत दौरे पर उन्हे देश के चार
महानगर कोलकाता, हैदराबाद, मुंबई और नई दिल्ली मे अपने प्रदर्शन करने थे, जिसकी शुरुआत कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम से लगभग 60 हजार
दर्शकों के समक्ष अपने मैत्री खेल प्रदर्शन से करनी थी। कोलकाता मे मेसी की वर्ल्ड कप ट्रॉफी हाथ मे
उठाए 70 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण परोक्ष रूप से उपस्थिती के माध्यम से भी करना
था। इससे पहले फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी 14 वर्ष पूर्व कोलकाता के खेल प्रेमियों
से रुबरु हुए थे।
जैसी की
आशंका थी शनिवार को फुटबालर मेसी के स्टेडियम मे कदम रखते ही, स्टेडियम मे बैठे पचास
हजार से ज्यादा जन साधारण दर्शक जो लियोनेल
मेसी की एक झलक पाने को आतुर और व्याकुल थे, पर व्यवस्थापकों
की कुव्यवस्थाओं, कुप्रबंध और अराजकता के परिणामस्वरूप इस विश्व
प्रसिद्ध फुटबाल खिलाड़ी के इस चकाचौंध भरे कार्यक्रम को कोलकाता की कुछ मशहूर
हस्तियों, बंगाल के खेलमंत्री अरूप विश्वास, उनके परिवार के लोगों, रिश्तेदार, मित्रों और सुरक्षा कर्मियों की भीड़ से घिर गये। खेल मंत्री ने
तो, मानो जैसे पूरे कार्यक्रम को अगवा कर लिया। साधारण दर्शक तो फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी की
शक्ल और सूरत देखने से पूरी तरह वंचित रहे। पश्चिमी बंगाल के खेल मंत्री की सनक और उन्माद की
ये हालत थी कि स्वयं अपनी, अपने
परिवार के सदस्यों और अपने मित्रों की मेसी के
साथ फोटो और सेल्फी के लिये, वे लगभग मेसी को खींचते और धकेलते नज़र आये।
उपस्थित भीड़ मे जिसकी मर्जी आयी उसने मेसी से हाथ मिलाया या अपनी जर्सी पर मेसी के
हस्ताक्षर लिये। इस पूरे दृश्य मे खेल
मंत्री अरूप विश्वास क्षुद्र ढीठता देखने को मिली जिसने मेसी जैसे विश्व प्रसिद्ध फुटबाल खिलाड़ी को ही फुटबाल बना दिया!! हजारों रुपए खर्च कर जो साधारण दर्शक घंटों
पहले से लियोनेल मेसी को देखने स्टेडियम
मे इंतज़ार कर रहे थे, इस खबर को सुन क्रोधित हो गये कि मेसी समय से
पूर्व ही अफरा-तफरी और अराजकता के चलते कार्यक्रम को छोड़ बापस चले गये। हताशा और
निराशा से ग्रसित इन अनियंत्रित दर्शकों ने क्रोधावेश और रोष मे आकर स्टेडियम मे
भारी तोड़-फोड़ कर दी। हजारों कुर्सियों को उखाड़ कर स्टेडियम के मैदान मे फेंक दिया।
प्रायोजित कंपनियों के बैनर और पोस्टर भी फाड़ दिये गये। आवेशित दर्शकों ने मैदान
के अंदर घुस कर वहाँ लगे टेंट, स्पीकर्स और अन्य कीमती सामान की तोड़ फोड़ कर दी।
कहीं कहीं पर पुलिस ने डंडे और लाठी का हल्का बल प्रयोग कर कुछ दर्शकों की पिटाई से
नियंत्रित कर, इस बात को चरितार्थ
किया कि "जबरा मारे और रोने भी न दे"!
दर्शकों ने बतलाया कि उन्होने ब्लैक मे टिकिट
25-26 हजार रुपए तक मे लिए जबकि टिकिट की
कीमत दो-तीन हजार से 7 हजार रुपए तक थी। लूट खसूट के हालात ये थे कि बीस रुपए की
पानी की बोतल के, 150-200 रुपए तक बसूल किए गये। नाश्ते के पैकेट
की कीमत तीन सौ रुपए तक बसूल की गयी और इन सब के पीछे सत्ताधारी दल तृणमूल
कॉंग्रेस के गुर्गों का एकछत्र हाथ था।
कुछ फुटबाल प्रेमी तो सिर्फ अपने चहेते खिलाड़ी मेसी को देखने नेपाल से आये थे, फुटबाल प्रेमियों की इंतहा देखिये कि कुछ लोगों ने अपने पूरे
माह का वेतन टिकिट पर खर्च कर डाला था। स्वाभाविक
था कि मेसी के प्रशंसक इस सारी लूट खसूट को भूल जाते यदि वे मेसी की एक झलक देखने
मे कामयाब हो जाते। पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी जिनके स्वयं
कार्यक्रम मे शामिल होने की सहमति थी, ने फुटबॉल
खिलाड़ी लियोनेल मेसी और उनके प्रशंसकों को
उनको न देख पाने के लिये माफी मांगी और इस अव्यवस्था, कुप्रबंधन की उच्च
स्तरीय जांच के आदेश दिये। इस अफरातफरी और तोडफोड के बाद कोलकाता पुलिस ने सख्त
कार्यवाही करते हुए कार्यक्रम के मुख्य आयोजक शताद्रु दत्ता को गिरफ्तार कर लिया
और दर्शकों के पैसे बापस करने के लिये आयोजकों को कहा है। पश्चिमी बंगाल सरकार का
इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि इस तरह की हड़पी गयी धनराशि कदाचित ही लोगों को
बापस मिली हो? देखना होगा कि
कोलकाता पुलिस की टिकिट की धनराशि बापसी के आदेश पर आयोजक कैसे
प्रीतिक्रिया करते हैं?
ऐसे
कार्यक्रमों मे मची अफरातफरी की उच्च स्तरीय कमेटी की जांच का क्या हश्र होता है अनेकों बार देखा जा चुका है। सिवाय समय की
बर्बादी, अपनों को बचाने की कवायद और लीपापोती के शायद ही
कभी कोई ठोस नतीजे देखने को कभी मिले हों? हाल ही मे
पीछे 4 जून 2025 को बेंगलुरु के चेन्ना स्वामी
स्टेडियम मे, रॉयल चैलेंज क्रिकेट टीम के अभिनंदन समारोह के
दौरान मची भगदड़, जिसमे 11 निरीह लोगो की जान चली गयी थी, जिसमे बैठी जांच कमेटी के निर्णयों की जानकारी शायद किसी को हो
और दोषियों को कदाचित ही कोई सजा मिली हों? ईश्वर को
लाख लाख शुक्र है इस अफरातफरी मे बेंगलुरु की तरह जनहानि नहीं हुई, सिर्फ देश की मानहानि ही हुई है जिसके लिये हमारे निष्ठुर और छद्म धर्मनिरपेक्ष राजनैतिज्ञ, आदी और अभ्यस्त हैं। दोनों ही घटनाओं मे राजनैतिक हस्तक्षेप के
लिये जिम्मेदार नेताओं से परे कार्यक्रम
के छुटभैये आयोजकों को गिरफ्तार कर खानापूर्ति कर ली गयी। इन दोनों घटनाओं मे, स्पष्ट आरोपों, सत्य सबूतों के बावजूद, अफरातफरी
और अव्यवस्था के लिये शायद ही किसी बड़े नेता की ज़िम्मेदारी तय की गयी हो या उसे
सजा मिली हो? कोलकाता की इस घटना की जांच का भी यही हश्र होने
वाला है। पश्चिमी बंगाल के राज्यपाल और तृणमूल कॉंग्रेस के विरोधी भाजपा ने
कार्यक्रम मे मची भगदड़ को शर्मनाक बतलाया।
फुटबॉल
खिलाड़ी लियोनेल मेसी फुटबाल के ही बादशाह नहीं अपितु आर्थिक क्षेत्र मे भी उनकी
शाही रहन सहन और चकाचौंध को इस बात से समझा जा सकता है कि वह हर घंटे 13 लाख की
कमाई करते है और उनकी सालाना कमाई 12 अरब है।
मेसी के पास एक अरब की कीमत वाला निजी जेट विमान है। लियोनेल मेसी की यही चकाचौंध हैदराबाद, मुंबई और नई दिल्ली मे भी देखने को मिली। शायद ये कोलकाता
कार्यक्रम मे मची अफरा तफरी का ही परिणाम था कि आयोजकों ने कोलकाता से सीखे सबक से
सतर्कता बरतते हुए सफल कार्यक्रम आयोजित किए, जिसमे मेसी
प्रसन्न नज़र आये। चूंकि फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी का ये शुद्ध व्यावसायिक दौरा
था जिसमे चाँद सितारों की चकाचौंध का पूरी तरह समावेश था जिसमे देश मे फुटबाल खेल
के उन्नयन, उन्नति या विकास कम, सिर्फ धन, वैभव, एश्वर्य, समृद्धि और संपन्नता का प्रदर्शन ज्यादा था। यही कारण था कि
हमारे देश के प्रबुद्ध राजनैतिज्ञ राहुल
गांधी, रेवंत रेड्डी, देवेंद्र फडणवीस, रेखा गुप्ता, जय शाह जैसे बड़े राजनीतिज्ञों के अलावा सचिन तेंदुलकर सहित फिल्मी दुनियाँ के शाहरुख खान, करीना कपूर, अजय देवगन, शिल्पा
शेट्टी, टाइगर श्रॉफ अपने परिवार के साथ, मेसी से मिलने पहुंचे। हमारे देश के इन बड़े, विशाल
व्यक्तित्व लोगों का, फुटबॉल
खिलाड़ी लियोनेल मेसी से मिलने का लोभ संभरण न कर पाना, इस बात को दर्शाता है कि, लियोनेल
मेसी का कद, व्यक्तित्व, पात्रता और
प्रभामण्डल कितना ऊंचा, बड़ा, विशाल, श्रेष्ठ और महान रहा होगा। आशा की जानी चाहिये कि भविष्य मे कोलकाता मे इस तरह के सार्वजनिक आयोजनों मे सुव्यवस्था और सुप्रबंधन का ध्यान
रखा जायेगा ताकि देश को जनहानि, धनहानि और मानहानि से बचाया जा सके।
विजय सहगल